जैक मोरिंगा चाय

सहजन या ड्रमस्टिक को सभी जानते हैं। इसे बहुत से अन्य नामों जैसे की शोभांजन, शिग्रु, सजिना, सुरजना, मरुगई, मोरिंगा, मुरुन्गाई, इंडियन हॉर्सरैडिश आदि से भी जाना जाता है। यह पूरे भारतवर्ष में सुगमता से पाया जाने वाला पेड़ है। यह आसानी से लग जाता है और इसके पत्ते, बीज, जड़ें सभी औषधीय रूप से उपयोगी हैं। इसकी लम्बी फलियों को सब्जी के रूप में पका कर खाया जाता है। फलियाँ तो सांभर का अभिन्न हिस्सा है।सहजन भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उप-हिमालयी क्षेत्रों का मूल निवासी है। इसकी पौष्टिकता और गुणों के कारण इसकी अफ्रीका के उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है।

आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है। इसकी फली, हरी पत्तियों व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। – इसके फूल उदर रोगों व कफ रोगों में, इसकी फली वात व उदरशूल में, पत्ती नेत्ररोग, मोच, शियाटिका,गठिया आदि में उपयोगी है| – जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग आदि के लिए उपयोगी है तथा छाल का उपयोग शियाटिका ,गठिया, यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है| – सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर,वातघ्न,रुचिकारक, वेदनाशक,पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है| – सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वात, व कफ रोग शांत हो जाते है| इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया,शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है| शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है, – मोच इत्यादि आने पर सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है |

क्या है जैक मोरिंगा चाय ...

इसी सहजन के गुनोका उपयोग करके बने है | हमन जैक मोरिंगा चाय

इस जैक मोरिंगा चाय का नियमित सेवन करने से हाई बीपी, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉैल वा हार्ट अटैक तथा मोटापे की घातक बीमारी तक ठीक हो जाती है। यही हीं इससे श्वेतप्रदर, पेट दर्द, कान का दर्द, मुंह की झांइयां,कोढ बुखार, क्षय और खांसी में भी यह लाभप्रद रहता है।

क्या है इसकी विशेषता...

हाई बीपी कम करने के लिये
अनियमित हार्ट बीट के लिये
मुंह के छाले के लिये

इस्तेमाल का तरीका ....

1 ग्लास मीठे दूध में 3 - 5 ग्राम (1/1.5 टी-स्पून) दिन में २ बार जैक हर्बल पावडर को पारंपरिक चाय की तरह ही बनाये |
- पहले 4 दिन तक केवल एक ही वक्त ले |
- पाचवे दिन से सुबह-शाम दोनों समय ले |
- शुरुवात में इससे दो-तीन बार दस्त हो सकते है |